अभिनेता का काम सब कुछ गौण रख हर काम ईमानदारी से करना है – राजपाल यादव

पढ़ें अपने पसंदीदा हास्य अभिनेता राजपाल यादव का इंटरव्यू (Rajpal Naurang Yadav Hindi Interview

निखिल विद्यार्थी, मुंबई, (Rajpal Yadav Hindi Interview) हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘हंगामा 2’ में बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव (Rajpal Yadav) को देख यकीन नहीं होता कि वो 50 साल के हो चुके हैं। उनकी एनर्जी देख कभी सूल का रिक्शा वाले की याद आ जाती है तो कभी ‘मुझसे शादी करोगी’ में ज्योतिष, जो सलमान से लड़की पटवाते हैं। हंगामा 2 वर्ष 2003 में रिलीज फिल्म ‘हंगामा’ का दूसरा पार्ट है। राजपाल इस फिल्म के भी हिस्सा थे और कहते हैं कि इस फिल्म ने मेरी जिंदगी और करियर में हंगामा मचा दिया था। इसलिए यह फिल्म मुझे ताउम्र याद रहेगी।

पढ़ें अपने पसंदीदा हास्य अभिनेता राजपाल यादव का इंटरव्यू (Rajpal Naurang Yadav Hindi Interview on Hungama Series and His Uocoming Projects)

आप हंगामा के दोनों पार्ट में हिस्सा बन सके, प्रियदर्शन और आपकी कॉमेडी में कहीं कुछ खास है?

(राजपाल) – यह फिल्म नहीं है, बल्कि प्रियदर्शन जी का हंगामा है। वह भले ही दर्शकों का कॉमेडी फिल्में दिखा कर मनोरंजन करते हों। लेकिन, उनकी फिल्में पूरी तरह सिर्फ हास्य नहीं होती। उनकी फिल्में कॉमेडी ऑफ एरर होती हैं। जिसमें हास्य जरुर पैदा होती हैं, लेकिन जब परिस्थितियों को देखेंगे तो मन भावुक हो उठता है। वह इस विधा में मास्टर हैं। प्रियन जी ने जो भी फिल्में बनाई, उनमें सिचुएशन के हिसाब से रियल लगने वाले कॉमेडी एलिमेंट को जोड़ा है।

हंगामा के दोनों पार्ट के बारे में आपको कुछ कहना हो तो?

– आज कल कई लोगों को इंटरव्यू में मैंने यह बात बताया है। मेरे करियर में हंगामा (2003) ने थ्री डाइमेंशनल हंगामा मचा दिया था। हंगामा सीरीज की मूल फिल्म (Hungama 1) जब 2003 में रिलीज हुई थी तो दर्शकों ने इसकी कहानी और किरदारों को खूब पसंद किया था। हंगामा 2 (Hungama 2, 2021) की कहानी बिल्कुल अलग और नए कलेवर में है। हंगामा सीरीज के इस किस्त में कुछ नए कलाकारों को शामिल किया गया है और कुछ पिछली फिल्म के कास्ट को रिपीट किया गया है। इस हिसाब से यह फिल्म बिल्कुल नए और पुराने कास्ट का गेट-टूगेदर जैसा है। मजा आने वाला है (हंसते हैं), यह फिल्म मुझे जीवन भर यादगार बनी रहेगी।

देखें फिल्म हंगामा 2 का ट्रेलर (Watch Hungama 2 Trailer)

प्रियदर्शन जी के साथ आपके संबंध की चर्चा बॉलीवुड में खूब होती है। कुछ साझा करें – जैसे कि कैसे मिलना हुआ?

– (खिलखिलाते हुए) उन्होंने मेरी शर्ट फाड़ दी। (गहरी सांस लेते हैं) प्रियदर्शन जी से मैं पहली बार एक विज्ञापन फिल्म के शूट पर मिला था। जिसमें मैं बच्चन साहब (Amitabh Bachchan) के साथ दिखा था। इस विज्ञापन के बाद ही प्रियन जी ने मुझे अपनी फिल्म हंगामा के लिए बुला लिया।

आपने कहा कि उन्होंने आपकी शर्ट फाड़ दी, ये किस्सा मैं जानता हूं। हमारे पाठकों के लिए एक बार उस घटना को याद करेंगे?

– फिल्म की शूटिंग के लिए मुझे चेन्नई जाना था। चेन्नई में फिल्म के सेट पर जब पहुंचा तो मालूम हुआ कि फिल्म के क्लाइमेक्स सीन की फिल्मिंग चल रही थी। प्रियदर्शन जी मेरे पास आए और मेरी शर्ट फाड़ दी। मैं कुछ समझा नहीं। बाद में मुझे समझ आ गया और इसके बाद हमने क्लाइमेक्स शूट खत्म किया। जब फिल्म रिलीज हुई और हमने वह सीन देखा तो उस घटना की अहमियत समझ सका। उसके बाद से मेरी और प्रियन जी की केमिस्ट्री ऐसी बनी कि हमने साथ में कई फिल्मों में काम किया। काम भी ऐसा कि दर्शकों ने हम सबको खूब सराहा।

ठीक है, अब हंगामा से थोड़ा इत्तर होते हैं, आप अलग फिल्मसिटी की मांग करते रहे हैं..

– इसे बहुत से लोग गलत रुप में देखते हैं। मेरा मोटिव अलग है। बतौर उदाहरण क्रिकेट को देखिये जो पहले कुछ बड़े शहरों तक सिमित था। धीरे-धीरे यह छोटे शहरों में पहुंच बनाया और अब इंडियन प्रीमियर लीग से घर-घर में जगह बना चुका है। इसी तरह फिल्में और कला भी जितनी बिखरेंगी उतनी निखरेंगी। भारत में 14 से अधिक भाषाओं में फिल्में बनती हैं। मैं चाहता हूं कि क्षेत्रीय फिल्में भी इस स्तर पर बने कि लाखों लोगों को इससे रोजगार मुहैया हो।

छोटे शहरों में फिल्मसिटी के कांसेप्ट से कई उम्मीदें दिखती है, डिजिटल प्लेटफॉर्म कुछ भूमिका निभाएगी?

– देश में डिजिटल प्लेटफॉर्म (OTT in India) के फैलने से क्षेत्रीय स्तर पर भी फिल्म और फिल्म मेकिंग की पहुंच मजबूत हुई है। छोटे शहरों और देश के अन्य भागों में फिल्मसिटी बनने से फिल्म इंडस्ट्री के लिए फायदा मिलेगा। रामोजी (Ramoji Filmcity, Hyderabad) से बड़ा उदाहरण और क्या होगा कि कुछ और फिल्मसिटी बन जाएं तो अधिक-से-अधिक लोगों की रोजगार सुनिश्चित होंगी। आखिरकार, फिल्म इंडस्ट्री भी टीम में काम करती है। टीम में विभिन्न जगहों और पृष्ठभूमि के लोग रहते हैं। मैं मुंबई का हो चुका हूं। मेरे लिए मुंबई फिल्मसिटी ही पहली और आखिरी रहेगी लेकिन हमें कलेक्टिव तरीके से सोचना चाहिए।

आप सह अभिनेता रहे, निगेटिव किरदार भी किये, कई फिल्मों में आप मुख्य नायक रहे। इस विविधता के कारण?

– मेरे करियर की शुरुआत ही इन मिक्स्ड रोल से हुई है। शुरुआत में जैसा आपने कहा, सहायक भूमिकाएं मिली फिर निगेटिव रोल मिलने लगे। एक दर्जन से अधिक फिल्मों में मुख्य भूमिका निभाई। इन सबके साथ कॉमेडी भी करता रहा। इस जेनर की खासियत है कि बॉक्स ऑफिस पर मुंहकी नहीं खानी पड़ती। इस वजह से ऐसी फिल्में दर्शकों के बीच पॉपुलर हो जाती हैं। मैंने ‘अंडर ट्रायल’ जैसी थ्रिल और मैसेज वाली फिल्म भी की जो दर्शकों तक उम्मीद के मुताबिक पहुंच न सकी। अभिनेता का काम इन सब को गौण रख बस हर काम को ईमानदारी से करना है।

आने वाली प्रोजेक्ट्स के बारे में अगर कुछ बता सकें?

– ज्यादा नहीं बता सकता। आप समझ रहे हैं क्यों… आपने पूछा इसलिए मेरी आने वाली फिल्म ‘फादर ऑन सेल’ (Father on Sale) और ‘द क्रेजी किंग’ (The Crazy King) है। जिसमें मैं मेन लीड इन कर रहा हूं।

आपको बॉलीवुड के बेहतरीन हास्य अभिनेता राजपाल यादव (Rajpal Yadav) का Hindi Interview कैसा लगा? कमेंट करके बताएं।

क्रेडिट: MovieZoobie

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