TheFamilyMan 2 Hindi Review: समीक्षा और अपेक्षा जब उपेक्षा का शिकार न हो, फिर भी कुछ है

TheFamilyMan 2 Hindi Review: समीक्षा और अपेक्षा जब उपेक्षा का शिकार न हो, फिर भी कुछ है

निखिल विद्यार्थी, मुंबई: TheFamilyMan 2 Hindi Review। फिल्मकार जोड़ी राज और डी.के. (Raj & DK) फैमिली मैन 2 की धमाकेदार शुरुआत कर चुके हैं। अमेजन प्राइम वीडियो की सिरीज ‘द फैमिली मैन सीजन 2’ (TheFamilyMan 2) (Hindi Review) कमाल सीक्वेंस से शुरू होता है। जो 4 मिनट के सिंगल टेक सीक्वेंस के साथ शुरू होता है। पूरे शो के दौरान ऐसी कई सीक्वेंसेस हैं। हम देखते हैं, श्रीलंका के मिलिट्री कैंप में एक फ्लैशबैक सेट है। जिसमें इस सीजन के ‘खलनायक’ के बारे में परिचय दिया जाता है। श्रीलंकन तमिल विद्रोहियों के प्रमुख नेता भास्करन के साथ में खुद की ही हत्या की खबर वाली अखबार है। उन्हें उनकी मातृभूमि से निकाल दिया गया। जिनमें से कई श्रीलंकाई विद्रोही तब से ही भारत में छिपे हुए हैं। जो यहां एक नए मिशन को अंजाम देने के फिराक में हैं।

द फैमिली मैन 2 श्रीकांत तिवारी (मनोज बाजपेयी) का अनुसरण करता है – जो टास्क फोर्स में एक खुफिया एजेंट। टास्क राष्ट्रीय खुफिया एजेंसी (NIA) की एक विशेष सेल है। सिरीज के दौरान श्रीकांत का एक पति और पिता के रूप में उसकी जिम्मेदारियों को चित्रित करता हैं। रुकिए, यह इतना आसान नहीं है। पिता और पति के अलावा वह सबसे पहले देश की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार है। वह परिवार और अपने पेशे की जिम्मेदारियों को संतुलित करने का प्रयास करते हुए आतंकवादी खतरों पर नजर रखता है। सिरीज में उसके मिशन को ही फॉलो किया गया है। आसान नहीं है, क्योंकि उसकी नौकरी के बारे में परिवार से गुप्त रखा जाता है।

द फैमिली मैन सीजन 2 का रिव्यू पढ़ें (Hindi Review of TheFamilyMan 2)

सीजन दो (द फैमिली मैन) अपने पहले सीजन की एंड स्टोरी के लगभग एक साल बाद शुरू होता है। जिसमें हम देखते हैं, कि एक नर्व गैस के हमले ने दिल्ली की आबादी को लगभग तबाह कर दिया है। श्रीकांत तिवारी, बतौर खुफिया एजेंट होने की कीमत, समझौतों से पीछा चाहते हुए कॉर्पोरेट नौकरी के लिए TASC की नौकरी छोड़ देता है। ताकि वह अपने परिवार के साथ समय बिता सके। आप देखेंगे कि वह पूरी तरह से एक ‘फैमिली मैन’ बन चुका है। बेशक, वह अपने पुराने जीवन को याद करता है और नवीनतम सुरक्षा खतरों पर नजर रखने की कोशिश करता है। या, जैसा कि उसका सहकर्मी जे.के (शारिब हाशमी Sharib Hashmi) कहते हैं – वह ‘FOMO’ (Fear of missing out) बीमारी से पीड़ित हैं।

फैमिली मैन से कॉमन मैन बनने में वक्त नहीं लगता

श्रीकांत एक आईटी कंपनी में जेंटलमैन बनकर काम कर रहा है। इस दौरान अपने से आधी उम्र के बॉस से रोजाना डांट खाता है। एक दिन उसके सब्र का बांध टूटता है और फिर से कॉमन मैन बन जाता है। लेकिन, जैसा कि अपेक्षित था, श्रीकांत का खुशहाल घरेलू जीवन लंबे समय तक नहीं टिकता। वह जल्द ही टास्क फोर्स के साथ मोर्चा संभाल लेता है। वह फोर्स में वापस आ गया है। हालांकि, श्रीकांत ‘उस जीवन को वापस छोड़ने के लिए मजबूर’ होने के कारण वापस नहीं आता है। वह वापस आता है, क्योंकि वह यही चुनता है। हम आप किसी व्यक्ति को कार्रवाई से बाहर कर सकते हैं, लेकिन आप व्यक्ति से उसके कार्रवाई को नहीं ले सकते।

श्रीकांत की बेटी धृति का आतंकवादियों द्वारा अपहरण का सीन बेहतरीन

एपिसोड 7 में एक दृश्य की तुलना में कहीं भी बेहतर नहीं है। श्रीकांत की बेटी धृति का आतंकवादियों ने श्रीकांत को टार्गेट करने के लिए अपहरण कर लिया है। उसकी पत्नी, सुची, उसे यह बताने के लिए कॉल करने की कोशिश करती है कि धृति गायब है, लेकिन वह फोन नहीं उठाता है। उसके पास उसे और उनकी तनावपूर्ण शादी को संभालने की ताकत नहीं है। जब वह आखिरकार सफल हो जाती है, तब भी धृति के अपहरण के बारे में उनकी बातचीत एक-दूसरे के लिए संघर्ष और अवमानना ​​से भरी दिखती है। यह एक बेहतरीन सीन है जो शो के सार को पूरी तरह से पकड़ लेता है। जहां रिलेशनशिप ड्रामा और जीवन के लिए खतरनाक स्थितियां इतनी जटिल रूप से जुड़ी हुई हैं।

संक्षिप्त टिप्पणी Hindi Review of TheFamilyMan 2

एक बार फिर, द फैमिली मैन 2 को मनोज बाजपेयी (Manoj Bajpayee) ने अभिनय से किरदार को जीवंत कर दिया है। जो दो जीवन को संतुलित रखने के लिए तनावपूर्ण है और इसे एक साथ रखने की कोशिश कर रहा है। सिरीज में अच्छी तरह से उकेरे गए पात्रों को सभी अभिनेताओं ने बखूबी निभाया है। यकीनन इस सीजन की सबसे बड़ी जीत सामंथा अक्किनेनी (Samantha Akkineni) है। जो तमिल विद्रोही सैनिक राजी के रूप में नजर आती हैं। अपने असहज काले रंग के बावजूद, अक्किनेनी एक जटिल चरित्र में स्पष्ट तीव्रता व गंभीरता लाती हैं। राजी ने केवल त्रासदी और दर्द को जाना है और बदला लेने के लिए कुछ भी कर सकती है। वह शुद्ध हथियारयुक्त आघात है, जो जिंदा रहने के लिए हिंसा के लिए मजबूर है। राजी के खतरनाक इरादों के बावजूद भी हम उसके प्रति सहानुभूति रखते हैं। इसके लिए निर्देशक और लेखक सुपर्ण एस वर्मा (Suparn S Varma) सुमन कुमार (Suman Kumar) को दिल से आभार व्यक्त करने का मन करता है। ऐसे कई कारण है जिससे सीजन दो (Hindi Review of TheFamilyMan 2)अपने पहले सीजन से मजबूत लगती है।

कथानक में उतार चढ़ाव लगातार जारी रहती है (Strory of The family man 2) 

सिरीज के कई हिस्सों में राज और डीके के हाथों से कथानक फिसलता है तो कभी संभलता है। दोनों ने इस सीजन के चार एपीसोड (1, 2, 6, 9) ही निर्देशित किए हैं। बाकी के पांच एपीसोड का निर्देशन सुपर्ण एस वर्मा करते हैं। सिरीज का रिलीज डेट इस साल फरवरी से बढ़ कर जून किया गया तो इस सीजन में क्लाइमेक्स में कोरोना संकट को दिखा दिया गया है। इस सीजन का फिनाले कथानक को उत्तर पूर्व में ले जाने का इशारा भी करती है। अमेजन ने विवादों से बचने के लिए पहले ही साफ कर दिया कि कथानक उनका कोई संबंध नहीं रहता। इसके पीछे इमेज खराब होने से बचना एक कार्न हो सकता है। वैसे, कथानक भी रचनात्म्क प्रक्रिया है इसलिए इतनी तो आजादी होनी ही चाहिए।

The Family Man 2 देखने से पहले ध्यान रखें:

कलाकार- मनोज बाजपेयी (Manoj Bajpayee) शारिब हाशमी (Sharib Hashmi)  सामंथा अक्किनेनी (Samantha Akkineni) प्रियामणि (Priyamani) सीमा बिस्वास (Seema Biswas) दलीप ताहिल (Dalip Tahil) शरद केलकर (Sharad Kelkar) देवदर्शिनी ( Devadarshini) एम गोपी (M Gopi) आदि।

निर्देशक- राज निदिमोरू (Raj Nidimoru) कृष्णा डीके (Krishna DK) और सुपर्ण वर्मा (Suparn S Varma)

निर्माता- राज निदिमोरू (Raj Nidimoru) कृष्णा डीके (Krishna DK)

रिलीज डेट- 3 जून, 2021

कहां देखें- अमेजन प्राइम वीडियो (Amazon Prime Video)

रेटिंग: 4/5*

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क्रेडिट्स: निखिल विद्यार्थी । Movie Zoobie

 

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